Monday, 30 August 2010

सोलानीपुरम जन कल्याण समिति द्वारा सडक निर्माण मे बाधा

"Either lead, follow or get out of the way"

आखिर जैसे तैसे विभिन्न बाधाओ को पार कर शिव मंदिर से ट्रांसफार्मर तक सडक का रिपेयर कार्य संपन्न हो ही गया। इसके लिये जे पी शर्मा जी को धन्यवाद। सबसे बडी बाधा सोलानीपुरम जन कल्याण समिति ने डाली तथा सडक कार्य रुकवाने हेतु कई प्रकार की धमकियाँ भी दी जैसे सडक को हथौडे से तोड देंगे, कच्ची सडक पर बाइक चला देंगे, बिना सबूत के अखबार मे छपवा दिया कि सडक निर्माण मे घोटाला  हुआ है इत्यादि। समिति के सलाहाकार तब क्या कर रहे थे जब यह सब हो रहा था? समिति पर उनकी कोई लगाम है या नही?

कायदे से तो समिति के सदस्यों को स्वयं निर्माण स्थल पर खडे होकर यहाँ सुनिश्चित करना चाहिये था कि कोई व्यक्ति ताजी बनी सडक पर न चले तथा मजदूर, मिस्त्री, ठेकेदार इत्यादि को चाय पानी को भी पूछना चाहिये था। शर्मा जी से आगामी विकास कार्यो के बारे मे चर्चा करनी चाहिये थी। परंतु ऐसा कुछ भी नही हुआ। सब कुछ उल्टा ही हुआ।   बात यहाँ है कि शर्मा जी को क्रेडिट मिल गया तो हमारा क्या होगा।

अगर समिति को यही सब करना है तो बेहतर हो कि अपनी समाज सेवा कि दुकान बंद करके ही राजनीति करे।

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