There are two kinds of people: Those who do the work and those who take the credit. Try to be in the first group because there is less competition there.आखिर काफी जद्दोजहद के बाद सोलानीपुरम में टयूबवेल (Tubewell) के लिये जगह मिल ही गयी। ईस्ट सोलानीपुरम मे एक नाले के पास कुछ स्थान खाली पडा था, इसको टयूबवेल के लिये उचित पाया गया (शायद यह स्थान सोलानीपुरम जन कल्याण समिति ने तलाश किया था)। समिति ने टयूबवेल हेतु प्रशासन से काफी पत्राचार भी किया था। दूसरी ओर रुडकी के विधायक श्री सुरेश चंद जैन व सोलानीपुरम के सभासद श्री जे पी शर्मा भी इस टयूबवेल के निर्माण हेतु प्रयासरत थे। इस संयुक्त प्रयास का ही परिणाम है कि अंतत: सोलानीपुरम मे टयूबवेल हेतु जमीन मिल गयी है। हालॉकि मजेदार बात यह है कि निर्माण स्थान भी विवादित ही रहा। जैसे ही निर्माण स्थान का विधायक द्वारा भूमि पूजन हुआ अगले ही दिन अखबार में विज्ञप्ति जारी हो गयी कि यह सब सोलानीपुरम जन कल्याण समिति के प्रयासों से हुया है (इसमे कुछ गलत नही है पर वास्तव मे यह एक संयुक्त प्रयास का नतीजा था)। यह खबर गाँव के महंतो तक पहुँच गयी जो बेलडे गाँव के हैं। उनका कहना है कि यह जमीन उनकी है अत: इस पर टयूबवेल नही बनाया सकता। बात स्टे लेने तक पहुँच गयी। मामला हाथों से निकलता जा रहा था। टयूबवेल का सपना धूल मे मिलता नजर आ रहा था, परंतु जे पी शर्मा, विधायक सुरेश चंद जैन व जल निगम के अधिकारियों कुशल वार्तालाप से अंतत: महंत मान ही गये परंतु उन्होने पूर्व निर्धारित जगह नही दी, उसके समीप दूसरी जगह दी। इस जगह का भूमि पूजन दोबारा हुया।
तो यह है टयूबवेल की जगह की रोचक दास्तान।
अब देखना यहाँ है कि निर्माण कार्य कब आरंभ होता है।
The way to get things done is not to mind who gets the credit for doing them.
बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति|
ReplyDeletebahut hi achchha likha hai. satat blog lekhan ke liye shubkamnayen.
ReplyDeleteआलेख-"संगठित जनता की एकजुट ताकत
ReplyDeleteके आगे झुकना सत्ता की मजबूरी!"
का अंश.........."या तो हम अत्याचारियों के जुल्म और मनमानी को सहते रहें या समाज के सभी अच्छे, सच्चे, देशभक्त, ईमानदार और न्यायप्रिय-सरकारी कर्मचारी, अफसर तथा आम लोग एकजुट होकर एक-दूसरे की ढाल बन जायें।"
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http://baasvoice.blogspot.com/2010/11/blog-post_29.html