अभी हाल ही मे हुयी चोरी की वारदातों को देखते हुये, वेस्ट सोलानीपुरम के निवासियों ने अपने क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था हेतु सुरक्षा व्यवस्था आरंभ की है। नवंबर 2, 2010 से रजिस्टर्ड सुरक्षा ऐजेंसी के दो चौकिदारों ने (वर्दी मे) रात मे आना आरंभ कर दिया है। शायद यह उसी सुरक्षा ऐजेंसी के चौकीदार हैं जो आई आई टी मे सुरक्षा प्रदान कर रही है। ऐसा शायद रवि परमार के प्रयासों से है। फिलहाल इस सुरक्षा व्यवस्था को वेस्ट सोलानीपुरम के निवासी रवि परमार, राकेश सिंह, संजय परमार व दीपक वकील ने मिलकर गति प्रदान की है जो कि एक सराहनीय कदम है।
अब देखना यह है कि वेस्ट सोलानीपुरम मे इस पुण्य कार्य हेतु सभी घरों से निर्धारित धनराशि रु. 100/- प्राप्त होती हैं या नही। इस क्षेत्र मे कुल 80 घर हैं। अगर सभी घरों से पैसा एकत्र होता है तो यह व्यवस्था अवश्य सफल होगी। अगर यह व्यवस्था सफल हो जाती है तो आगे इसमे और भी विस्तार (जैसे दिन का चौकीदार, गेट इत्यादि) किया जा सकता है। दिन के चौकीदार से एक फायदा यह भी है कि वह आवारा कुत्ते तथा गाय भैस इत्यादि को भी खदेड सकता है। इन आवारा पशुओं ने नाक मे दम कर रखा है क्योकि इन्हे कुछ निवासियों ने प्रश्रय दे रखा है।
कुल मिलाकर मै इस कदम की सराहना करता हूँ तथा अपेक्षा करता हूँ कि वेस्ट सोलानीपुरम के निवासियों के प्रयासों से यह व्यवस्था अवश्य सफल होगी।
अब देखना यह है कि वेस्ट सोलानीपुरम मे इस पुण्य कार्य हेतु सभी घरों से निर्धारित धनराशि रु. 100/- प्राप्त होती हैं या नही। इस क्षेत्र मे कुल 80 घर हैं। अगर सभी घरों से पैसा एकत्र होता है तो यह व्यवस्था अवश्य सफल होगी। अगर यह व्यवस्था सफल हो जाती है तो आगे इसमे और भी विस्तार (जैसे दिन का चौकीदार, गेट इत्यादि) किया जा सकता है। दिन के चौकीदार से एक फायदा यह भी है कि वह आवारा कुत्ते तथा गाय भैस इत्यादि को भी खदेड सकता है। इन आवारा पशुओं ने नाक मे दम कर रखा है क्योकि इन्हे कुछ निवासियों ने प्रश्रय दे रखा है।
कुल मिलाकर मै इस कदम की सराहना करता हूँ तथा अपेक्षा करता हूँ कि वेस्ट सोलानीपुरम के निवासियों के प्रयासों से यह व्यवस्था अवश्य सफल होगी।
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