पिछले वर्ष से सोलानीपुरम के मकान नंबर बदल गये हैं। ये नंबर अब तीन डिजिट के हो चुके हैं। घरों मे जो हाउस टैक्स आ रहा है उसमे नया नंबर ही अंकित है। अत: यह तथ्य अब स्थापित हो चुका है कि अब सोलानीपुरम मे नये नंबर ही चलेंगे। परंतु इन नंबरों को बदलने मे समय और धन दोनो की बर्बादी है। यही कारण है कि सोलानीपुरम के अधिकांश निवासी अभी भी पुराने नंबर ही प्रयोग कर रहे हैं।
इस संदर्भ मे सोलानीपुरम जन कल्याण समिति ने सभी गलियों मे गाइड बोर्ड लगा कर बहुत ही पुण्य का कार्य किया है। परंतु इन गाइड मैप पर नये नंबर ही अंकित हैं। इस कारण पोस्टमैन व कोरियर मैन नये नंबर से ही मकान ढूंढते हैं, परंतु पत्र पर पुराने नंबर होने के कारण उन्हें परेशानी होती है।
ऐसे मे समस्या का समाधान क्या हो? एक अच्छा समाधान यह हो सकता है पते में दोनों नंबर दिये जाये (जैसा कि भारत के कुछ स्थानों मे लोग करते हैं)।
ऐसी स्थिति मे पता कुछ इस प्रकार होगा (मै यहाँ सभासद महोदय का पता दे रहा हूँ):
J. P. Sharma
122/5A1 (Old)
237 (New)
Solanipuram
Roorkee - 247 667
UKD
अथवा
J. P. Sharma
122/5A1 (237)
Solanipuram
Roorkee - 247 667
UKD
ऐसे मे पता बदलवाने की भी जरुरत नही है तथा आप नये पते का भी प्रयोग कर सकते हैं।
अत: समाधान यह है कि संबंधियों/दोस्तों को नया व पुराना दोनो नंबर ही दें। नंबर प्लेट पर भी फिलहाल दोनो नंबर अंकित करवा लें। रिकार्ड मे नया नंबर समयानुसार चेंज करवाते रहें। जब सभी रिकार्ड मे नया नंबर दर्ज हो जाये तब नंबर प्लेट को अपडेट कर लें।
इस संदर्भ मे सोलानीपुरम जन कल्याण समिति ने सभी गलियों मे गाइड बोर्ड लगा कर बहुत ही पुण्य का कार्य किया है। परंतु इन गाइड मैप पर नये नंबर ही अंकित हैं। इस कारण पोस्टमैन व कोरियर मैन नये नंबर से ही मकान ढूंढते हैं, परंतु पत्र पर पुराने नंबर होने के कारण उन्हें परेशानी होती है।
ऐसे मे समस्या का समाधान क्या हो? एक अच्छा समाधान यह हो सकता है पते में दोनों नंबर दिये जाये (जैसा कि भारत के कुछ स्थानों मे लोग करते हैं)।
ऐसी स्थिति मे पता कुछ इस प्रकार होगा (मै यहाँ सभासद महोदय का पता दे रहा हूँ):
J. P. Sharma
122/5A1 (Old)
237 (New)
Solanipuram
Roorkee - 247 667
UKD
अथवा
J. P. Sharma
122/5A1 (237)
Solanipuram
Roorkee - 247 667
UKD
ऐसे मे पता बदलवाने की भी जरुरत नही है तथा आप नये पते का भी प्रयोग कर सकते हैं।
अत: समाधान यह है कि संबंधियों/दोस्तों को नया व पुराना दोनो नंबर ही दें। नंबर प्लेट पर भी फिलहाल दोनो नंबर अंकित करवा लें। रिकार्ड मे नया नंबर समयानुसार चेंज करवाते रहें। जब सभी रिकार्ड मे नया नंबर दर्ज हो जाये तब नंबर प्लेट को अपडेट कर लें।

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