यह अत्यंत हर्ष का विषय है कि वेस्ट सोलानीपुरम मे शीघ्र ही गेट निर्माण होने जा रहा है जिसका सारा खर्चा श्री जे पी शर्मा जी वहन करेंगे। आज गेट निर्माण स्थल पर सुबह मूहूर्त समय 8.30 पर सोलानीपुरम सुरक्षा समिति के सदस्यों व स्थानीय निवासियों की उपस्थिति मे पंडितजी ने पूजा अर्चना की जिसमे सभासद जे पी शर्मा जी ने फावड़ा चला कर तथा नारियल फोड़कर गेट निर्माण की जगह सुनिश्चित की। अंत मे मिठाई वितरण हुआ। यह ब्लाग लेखक जे पी शर्मा को इस पुण्य कार्य के लिये धन्यवाद देता है। जे पी शर्मा के अनुसार यह कार्य शीघ्र ही आरंभ होगा।
वेस्ट सोलानीपुरम की सुरक्षा सबके लिये आवश्यक है परंतु फिर भी आमंत्रण मिलने के बावजूद भी कई निवासी इस कार्यक्रम मे शामिल नही हुये शायद उनके लिये सुबह 6 बजे अपने पालतू कुत्ते को टहलाना अथवा आई आई टी पार्क मे घूमने जाना, कॉलोनी की सुरक्षा से ज्यादा महत्वपूर्ण है। ये सभी लोग पढे लिखे हैं तथा बडी - 2 बातें करते हैं परंतु जिस समाज मे रह रहें हैं उसके लिये कुछ भी नही करते हैं। ऐसे संकीर्ण मानसिकता वाले लोग किसी भी लिहाज से सामाजिक प्राणी नही हैं।
इसी वेस्ट सोलानीपुरम मे कुछ 4-5 ऐसे भी लोग हैं जो सुरक्षा हेतु महीने मे रु. 60/- भी नही दे सकते है, यह अलग बात है कि रोज के अपने शौक पर 50-60 रु. ऐसे ही खर्च कर देते हैं। ये 4-5 नकारात्मक सोच वाले लोग कौन हैं - सभी जानते हैं। इनके बारे मे कुछ भी बताने की आवश्यक्ता नही है।
इसके अतिरिक्त ऐसे भी मिस्टर परफेक्ट लोग हैं जो चौकिदार को कही भी रोककर तरह 2 की शिकायत/झगड़ा करने लगते हैं। कायदे से उन्हे अपने सुझाव/शिकायत इत्यादि सुरक्षा समिति को बतानी चाहिये। ऐसा करने से ये लोग छोटे नही हो जायेंगे। खैर, पुरानी आदत है, धीरे 2 ही छूटेगी।
कुछ अन्य दृष्य:
वेस्ट सोलानीपुरम की सुरक्षा सबके लिये आवश्यक है परंतु फिर भी आमंत्रण मिलने के बावजूद भी कई निवासी इस कार्यक्रम मे शामिल नही हुये शायद उनके लिये सुबह 6 बजे अपने पालतू कुत्ते को टहलाना अथवा आई आई टी पार्क मे घूमने जाना, कॉलोनी की सुरक्षा से ज्यादा महत्वपूर्ण है। ये सभी लोग पढे लिखे हैं तथा बडी - 2 बातें करते हैं परंतु जिस समाज मे रह रहें हैं उसके लिये कुछ भी नही करते हैं। ऐसे संकीर्ण मानसिकता वाले लोग किसी भी लिहाज से सामाजिक प्राणी नही हैं।
इसी वेस्ट सोलानीपुरम मे कुछ 4-5 ऐसे भी लोग हैं जो सुरक्षा हेतु महीने मे रु. 60/- भी नही दे सकते है, यह अलग बात है कि रोज के अपने शौक पर 50-60 रु. ऐसे ही खर्च कर देते हैं। ये 4-5 नकारात्मक सोच वाले लोग कौन हैं - सभी जानते हैं। इनके बारे मे कुछ भी बताने की आवश्यक्ता नही है।
इसके अतिरिक्त ऐसे भी मिस्टर परफेक्ट लोग हैं जो चौकिदार को कही भी रोककर तरह 2 की शिकायत/झगड़ा करने लगते हैं। कायदे से उन्हे अपने सुझाव/शिकायत इत्यादि सुरक्षा समिति को बतानी चाहिये। ऐसा करने से ये लोग छोटे नही हो जायेंगे। खैर, पुरानी आदत है, धीरे 2 ही छूटेगी।
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