सोलानीपुरम का पानी इतना खराब है कि कुछ ही सालों मे पानी के पाइप चोक हो जाते हैं। इनके अंदर काई, गंदगी, बैक्टीरिया, स्लज इत्यादि जमा हो जाते हैं जिससे पानी का प्रेशर कम हो जाता है तथा पानी की क्वालिटी भी खराब हो जाती है जिससे फिल्टर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। यह प्रेशर इतना कम हो जाता है कि अगर आप एक जगह के टैप से पानी लेते हैं तो दूसरी टैप से पानी आना बंद हो जाता है।
ऐसे मे समाधान क्या हो? क्या नई पाइप लाइन डलवायी जाये अथवा वर्तमान पाइपलाइन को कैमिकल से साफ करवाया जाये। इकोनोमी की दृष्टि से देखें तो दूसरा उपाय ज्यादा सही लगता है। कैमिकल से पाइप साफ करवाने से संपूर्ण पाइप लाइन नयी जैसी हो जाती है तथा पूरा प्रेशर मिलने लगता है। इस प्रकिया मे एक मोटर से संपूर्ण पाइप लाइन का पानी निकाला जाता है। इसके बाद इसमे कैमिकल डाला जाता है यह कैमिकल कई रसायनों का मिश्रण होता है। इस कैमिकल को स्वय़ं प्रयोग न करें - हाथ खराब होने का डर रहता है। इसे दास्ताने पहन कर ही प्रयोग कर सकते हैं। पाइप लाइन की सफाई के 3-4 दिन तक इसे पीने के पानी के लिये प्रयोग न करें, क्योकि इसमे से कैमिकल की गंध आती रहती है।
जब यह कार्य करवायें तो पाइप का कचरा एकत्रित करने के लिये फर्श, वाश बेसिन व स्टील की सिंक मे टैप के नीचे प्लास्टिक का टब रखें, अन्यथा इनपर कैमिकल के धब्बें पड़ जायेंगे तथा दूर नही होंगे। स्टील की सिंक में प्लास्टिक की शीट बिछाकर ही उसपर टब रखें जिससे एक भी धब्बा सिंक पर न पड़े। ध्यान रहे कि आपके फर्श/वाश बेसिन/सिंक की चिंता प्लंबर नही करेगा बल्कि आपको करनी है।
इस कार्य को दो पैसे बचाने के चक्कर मे स्वय़ं न करें, किसी अच्छे प्लंबर से करवाये। हमने इस कार्य को पवन (9634906669) से करवाया था। खर्चे का ब्रेकअप इस प्रकार है - मेन कैमिकल (रु. 60/- प्रति लीटर, अन्य कैमिकल - रु. 100/- के लगभग, लेबर - रु. 500/-, मोटर का किराया इत्यादि).



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