क्या अच्छा लगा (Pros):
- सोलानीपुरम में पहली बार एक मेगा इवेंट
- मेले का बड़ा कैनवास
- कोई गेंबलिंग स्टाल नही
- भारी भीड़
- बच्चों के झूले
- सांस्कृतिक कार्यक्रम व पुरस्कार वितरण
- लकी ड्रा
क्या कमियाँ थी (Cons):
- विधायक सुरेश चंद जैन की कम समय की उपस्थिति (जैसे बेमन से आये हों)।
- सोलानीपुरम के बाहर भी मेले की पब्लिसिटी के कारण कई निवासियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम मे एंट्री नही दी। इस मेले को सोलानीपुरम तक ही सीमित रखना चाहिये था।
- सांस्कृतिक कार्यक्रम मे अत्याधिक एंट्री के कारण कार्यक्रम लंबा देर रात तक चला।
- स्टेज पर लाइटिंग की कमी के कारण अभिभवको को अपने बच्चों के फोटो लेने मे परेशानी का सामना करना पड़ा। सभी फोटोग्राफ मे noise (grains) आ गयी।
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