हरगोविंद जी का मुक्त दिवस हो
या स्वामी महावीर को निर्वाण मिला हो
राम जी अयोध्या आ पहुंचे हों
या पांडव ने पूरा बनवास किया हो
हो कारण कोई भी
प्रेम का तोरण हर द्वार सजाएँ
आओ एक दीप जलाएं
No comments:
Post a Comment
Note: only a member of this blog may post a comment.
No comments:
Post a Comment
Note: only a member of this blog may post a comment.