कुछ दिन पूर्व सोलानीपुरम जन कल्याण समिति की ओर से घर-2 एक पेम्फलेट वितरित किया गया। जो इस नाचीज ब्लाग लेखक के खिलाफ था। इस पेम्फलेट पर उन बच्चों की मार्कशीट भी दी गयी जिनके आकलन में समिति ने भेदभाव किया।
आज घर के द्वार के बाहर मुझे एक पेंफलेट प्राप्त हुआ।
इस पेंफलेट मे जो कुछ लिखा था उसे मै नीचे दे रहा हूँ :
कल सोलानीपुरम जन कल्याण समिति की ओर से घर-2 एक पेम्फलेट वितरित किया गया। जो solanipuram.blogspot.in में इस समिति के अवार्ड कार्यक्रम मे हुये भेदभाव पर लगे आरोप को खारिज कर रहा था। इस पेम्फलेट पर उन बच्चों की मार्कशीट भी दी गयी जिनके आकलन में समिति ने भेदभाव किया। फैसला सोलानीपुरम के निवासियों पर छोड़ा था।
मै भी सोलानीपुरम का निवासी हूँ और इस ब्लाग को नियमित रूप से पढता हूँ। सोलानीपुरम जन कल्याण समिति द्वारा वितरित अंकतालिका को मैने भी ध्यान से देखा और पाया कि कुछ तो गड़बड़ियाँ हुयी हैं। मैने इस संदर्भ में भटनागर जी से भी बात की।
सभी सोलानीपुरम निवासियों ने इस अंकतालिका को देखा होगा, इसमे टाप राइट कार्नर पर बच्चों की पोजीशन समिति द्वारा दी गयी है। चारों बच्चों की CGPA 10 है। इसके बावजूद बच्चों को प्रथम,द्वितीय, तृतीय इत्यादि पोजीशन दी गयी हैं। जब चारों बच्चों की CGPA समान है तो क्यों नही चारों बच्चों को एक साथ स्टेज पर बुलाकर पुरस्कृत किया गया जो कि CBSE का नियम है? श्री पी के भटनागर ने कार्यक्रम के दौरान पी एस अग्रवाल जी से यही कहा था कि अगर आपने बच्चों को समान CGPA होने के बावजूद पोजीशन दी हैं तो इसका कोई आधार तो होगा क्योंकि CBSE के नियमों के अनुसार 10 CGPA प्राप्त सभी बच्चें प्रथम हैं - तो फिर प्रथम, द्वितीय आदि श्रेणी क्यों दी गयी है? अत: मुझे आप बाकि तीन बच्चों की मार्कशीट दिखा दें। पर मार्कशीट नही दिखायी गयी। अगले दिन श्री भटनागर ने समिति के सदस्य श्री सतीश गर्ग को फोन किया और मार्कशीट के बारे मे पूछा तो दो दिन का समय दिया गया। दो दिन बाद भी मार्कशीट नही दिखायी गयी। कुछ दिन बाद समिति के सचिव का फोन श्री भटनागर के पास आया कि उन्होनें सब मार्कशीट देख ली हैं सभी ठीक हैं, आप मेरे पास आकर देख सकते हैं। भटनागर जी नियत समय पर उनके पास गये तो वहाँ कोई नही मिला। अगले ही दिन ये सभी मार्कशीट सभी घरों मे वितरित कर दी गयी! एक बात जो मात्र पाँच मिनट मे खत्म हो सकती थी उसे इतना तूल इस समिति ने दे दिया - ये वास्तव मे गलत है।
इसी पेम्फलेट मे लिखा गया कि समिति का उद्देश्य बच्चों का मनोबल बढाना है, क्या ये समिति बच्चों के बीच भेदभाव करके ही उनका मनोबल बढाती है?
एक जगह लिखा है कि श्री जैन ने आज तक इस समिति को कभी भी चंदा नही दिया है तो इसका जवाब यह है कि जिस समिति की कार्यप्रणाली से मै सहमत नही उसे चंदा कैसे दे दूँ, सवाल ही नही। जो लोग इस समिति के कार्यप्रणाली के पक्ष मे हैं वो बेशक चंदा दें।
कुछ दिन पहले डाक से इस समिति के सचिव का पत्र मुझे प्राप्त हुआ, अच्छा लगा समिति मे कोई तो कार्य कर रहा है। इस पत्र मे भी कमोबेश वही बाते हैं जो पेम्फलेट मे कही गयी हैं और मेरे जन कल्याण समिति पर लिखे पोस्ट की भाषा पर एतराज जताया गया है। सचिव साहब को पत्र भेजने के लिये धन्यवाद। आशा करता हूँ कि आप इस समिति मे इसी निष्ठा से कार्य करते रहेंगे और समिति में बदलाव लाने का प्रयास करेंगे।
आज घर के द्वार के बाहर मुझे एक पेंफलेट प्राप्त हुआ।
इस पेंफलेट मे जो कुछ लिखा था उसे मै नीचे दे रहा हूँ :
कल सोलानीपुरम जन कल्याण समिति की ओर से घर-2 एक पेम्फलेट वितरित किया गया। जो solanipuram.blogspot.in में इस समिति के अवार्ड कार्यक्रम मे हुये भेदभाव पर लगे आरोप को खारिज कर रहा था। इस पेम्फलेट पर उन बच्चों की मार्कशीट भी दी गयी जिनके आकलन में समिति ने भेदभाव किया। फैसला सोलानीपुरम के निवासियों पर छोड़ा था।
मै भी सोलानीपुरम का निवासी हूँ और इस ब्लाग को नियमित रूप से पढता हूँ। सोलानीपुरम जन कल्याण समिति द्वारा वितरित अंकतालिका को मैने भी ध्यान से देखा और पाया कि कुछ तो गड़बड़ियाँ हुयी हैं। मैने इस संदर्भ में भटनागर जी से भी बात की।
इसी पेम्फलेट मे लिखा गया कि समिति का उद्देश्य बच्चों का मनोबल बढाना है, क्या ये समिति बच्चों के बीच भेदभाव करके ही उनका मनोबल बढाती है?
एक जगह लिखा है कि श्री जैन ने आज तक इस समिति को कभी भी चंदा नही दिया है तो इसका जवाब यह है कि जिस समिति की कार्यप्रणाली से मै सहमत नही उसे चंदा कैसे दे दूँ, सवाल ही नही। जो लोग इस समिति के कार्यप्रणाली के पक्ष मे हैं वो बेशक चंदा दें।
कुछ दिन पहले डाक से इस समिति के सचिव का पत्र मुझे प्राप्त हुआ, अच्छा लगा समिति मे कोई तो कार्य कर रहा है। इस पत्र मे भी कमोबेश वही बाते हैं जो पेम्फलेट मे कही गयी हैं और मेरे जन कल्याण समिति पर लिखे पोस्ट की भाषा पर एतराज जताया गया है। सचिव साहब को पत्र भेजने के लिये धन्यवाद। आशा करता हूँ कि आप इस समिति मे इसी निष्ठा से कार्य करते रहेंगे और समिति में बदलाव लाने का प्रयास करेंगे।
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