आजकल सोलानीपुरम में एक बन्दर ने आतंक मचा रखा है। घरों के अंदर घुसकर फ्रिज खोलकर सारा सामान बिखेर देना, कैसरोल खोल लेना, गेटलैम्प का तोड़ देना इसके प्रिय करतब हैं। दरवाजे के स्टापर को भी यह बंदर खोल लेता है। इस बन्दर की वजह से आप छत पर कुछ भी खाने पीने का सामान नही रख सकते। भगाने की कोशिश करने पर, यह बंदर घुड़की देता है। वैसे भी इस बन्दर को सोलानीपुरम का पानी लग चुका है, बहुत मोटा व चालाक हो गया है!
कुछ लोग इस बंदर को शह भी दे रहें हैं - खाना पीना देकर। यह ठीक नही है। धीरे धीरे इस बंदर का ग्रुप बन सकता है जो नाक में दम कर देगा। बेहतर हो इस बंदर को सोलानीपुरम से शीघ्र ही बाहर निकालने का इंतजाम हो अन्यथा मासिक शुल्क पर मदारी को रखना पड़ सकता है जो लंगूर लेकर आयेगा, भविष्य के बन्दर ग्रुप को भगाने के लिए।
सोलानीपुरम में पार्षद आशा यादव, पूर्व सभासद जे पी शर्मा, रमेश चन्द जोशी, सोलानीपुरम वेलफेयर एसोशियन व् सोलानीपुरम जन कल्याण समिति इस दिशा में कुछ कर सकते हैं। वन विभाग को पत्र लिखना भी एक समाधान हो सकता है पर कितना कारगर होगा पता नही। किसी मदारी से भी बात की जा सकती है।
सोलानीपुरम में पहले से ही आवारा कुत्तों के ग्रुप व खुली घूम रही गाय-भैंसों की फौज है, अब बंदरों का ग्रुप भी बनने जा रहा है। जय हो। सोलानीपुरम में सबका स्वागत है।
"We are just an advanced breed of monkeys on a minor planet of a very average star. But we can understand the Universe. That makes us something very special."
Stephen Hawking
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