Monday, 3 March 2014

सोलानीपुरम जन कल्याण समिति का सच, सोलानीपुरम वेलफेयर की जुबानी

कल सोलानीपुरम वेल्फेयर का एक पर्चा प्राप्त हुआ, जिसमें सोलानीपुरम जन कल्याण समिति पर दिवाली मेला हेतु एकत्रित पैसे को डकार जाने का आरोप लगाया गया है। आम आदमी पार्टी स्टाइल में जनता से राय शुमारी भी की गयी है।

इस पर्चे को पढने के लिए यहाँ क्लिक करें।

इस संदर्भ मे मेरी राय है कि
  • सोलानीपुरम मे किसी समिति की जरुरत नही। जब चयनित प्रतिनिधि कुछ नही कर रहें हैं तो यें समितियाँ क्या खाक करेंगी। 
  • "धंधे का टाइम है, चंदा दे दे बाबा"  स्टाइल मे चलनी वाली ये समितियाँ किसी काम की नही। 
  • वैसे भी सोलानीपुरम के लोग ज्यादा जाग्रत नही हैं अत: उनके लिये कुछ भी करना बेकार है। इस कारण भी समिति की आवश्यक्ता नही। 
  • सोलानीपुरम में जैसा है वैसा ही चलने दो वाली नीति ही कारगर है। अत: समिति की आवश्यक्ता नही है।
  • सोलानीपुरम में गंदगी है व विकास का सरासर अभाव है, इसके बाद भी इन समस्याओं से मुँह मोड़कर दिवाली मेला व पुरस्कार समारोह करने वाली समितिओं से भगवान बचाऐ।
अपडेट
जैसा कि अपेक्षित था, सोलानीपुरम जन कल्याण समिति ने उपरोक्त पर्चे के जवाब में अपना पर्चा भी वितरित किया। इसमे अपने को पाकसाफ बताने का पूरा- 2 प्रयास किया गया। कई जगह विरोधाभास है तथा तथ्य हजम नही होते। 
इस पर्चे को पढने के लिये यहाँ क्लिक करें।

No comments:

Post a Comment

Note: only a member of this blog may post a comment.