आज के समाचार पत्र दैनिक जागरण (अमर उजाला ने तो स्कूल का नाम भी नही छापा!) से पता चला कि रुड़की के स्कालर एकेडमी के कक्षा 12 में पढने वाले एक छात्र की अध्यापक ने बहुत बुरी तरह पिटाई कर दी। इतनी की छात्र को हॉस्पिटल मे भर्ती होना पढा। ऐसे अध्यापको को सीधे जेल की सजा होनी चाहिये। साथ ही इस प्रकार के घटिया स्कूलों की मान्यता भी रद्द कर दी जानी चाहिये। स्कूल के प्रबंधक श्यामसिंह नाग्यान से भी पूछ ताछ होनी चाहिये। क्या उनके स्कूल का रोल माडल सामंती प्रथा है?
अगर सोलानीपुरम के किसी निवासी का बच्चा इस स्कालर ऐकेडमी मे पढ रहा है तो समय रहते उसे इस स्कूल से अपने बच्चे को निकाल लेना चाहिये।
हाँलाकि आजकल कई अच्छे स्कूलों मे फिजिकल पनिशनेंट को पूरी तरह से समाप्त कर दिया गया है परंतु अभी भी रुड़की के अधिकांश स्कूलों मे यहाँ सामंती प्रथा कायम है। यह एक ऐसा अपराध है जिसके लिये भगवान भी माफ नही करता। कैसे कोई बच्चों की पिटाई कर सकता है। ऐसा तभी हो सकता है जब टीचर मानसिक अवसाद से ग्रस्त हो अथवा वह अपने पढाने मे बच्चों की रूचि कायम नही कर पा रहा हो।
अभिभावक इसके लिये सबसे ज्यादा दोषी हैं क्योकि वे इस सामंती प्रथा के खिलाफ आवाज नही उठाते हैं और तथाकथिक कांवेंट स्कूलों के नाज नखरे उठाते रहते हैं। इसका फायदा स्कूल मैनेजमेंट उठाता है और जमकर बच्चों का शोषण होता रहता है - मानसिक तथा शारिरिक सजा के रूप मे। अभिभावको के एक समिति अवश्य होनी चाहिये ताकि स्कूलों की मनमानी पर लगाम लग सके।
बच्चों के फिजिकल पनिशमेंट के संदर्भ मे पुलिस मे एफ आई आर के अतिरिक्त निम्न पते/ईमेल/फोन पर शिकायत की जा सकती है:
National Commission for Protection of Child Rights
5th Floor
Chanderlok Building
36, Janpath
New Delhi - 110 001
Website: http://ncpcr.gov.in
Contact Numbers: http://www.ncpcr.gov.in/contact_us.htm
Complaints Email: complaints.ncpcr@gmail.com
Online Complaint Form: http://ncpcronline.info/OnlineForm/onlineform.aspx
Complaints Phone Number: 23724030
Fax number: 011-23724026
Email (Chairperson): Cp.ncpcr@nic.in
Phone (Chairman): 23478203/ 23731583
हाँलाकि आजकल कई अच्छे स्कूलों मे फिजिकल पनिशनेंट को पूरी तरह से समाप्त कर दिया गया है परंतु अभी भी रुड़की के अधिकांश स्कूलों मे यहाँ सामंती प्रथा कायम है। यह एक ऐसा अपराध है जिसके लिये भगवान भी माफ नही करता। कैसे कोई बच्चों की पिटाई कर सकता है। ऐसा तभी हो सकता है जब टीचर मानसिक अवसाद से ग्रस्त हो अथवा वह अपने पढाने मे बच्चों की रूचि कायम नही कर पा रहा हो।
अभिभावक इसके लिये सबसे ज्यादा दोषी हैं क्योकि वे इस सामंती प्रथा के खिलाफ आवाज नही उठाते हैं और तथाकथिक कांवेंट स्कूलों के नाज नखरे उठाते रहते हैं। इसका फायदा स्कूल मैनेजमेंट उठाता है और जमकर बच्चों का शोषण होता रहता है - मानसिक तथा शारिरिक सजा के रूप मे। अभिभावको के एक समिति अवश्य होनी चाहिये ताकि स्कूलों की मनमानी पर लगाम लग सके।
बच्चों के फिजिकल पनिशमेंट के संदर्भ मे पुलिस मे एफ आई आर के अतिरिक्त निम्न पते/ईमेल/फोन पर शिकायत की जा सकती है:
National Commission for Protection of Child Rights
5th Floor
Chanderlok Building
36, Janpath
New Delhi - 110 001
Website: http://ncpcr.gov.in
Contact Numbers: http://www.ncpcr.gov.in/contact_us.htm
Complaints Email: complaints.ncpcr@gmail.com
Online Complaint Form: http://ncpcronline.info/OnlineForm/onlineform.aspx
Complaints Phone Number: 23724030
Fax number: 011-23724026
Email (Chairperson): Cp.ncpcr@nic.in
Phone (Chairman): 23478203/ 23731583

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