Water is the most critical resource issue of our lifetime and our children's lifetime. The health of our waters is the principal measure of how we live on the land.सोलानीपुरम के पानी कि स्थिति से तो सब अवगत हैं, बेहद खराब है चाहे वह 60 फ़ीट से लिया गया हो या 120 फ़ीट से। जहां तक टी डी ऐस (TDS: Total Dissolved Solids) का सवाल है तो वह रेंज के अंदर है। नवीन ऐंटरप्राइज (प्रेम मंदिर के पास) पर टी डी ऐस मीटर द्वारा पर किये गये परीक्षण के अनुसार 60 व 120 फ़ीट पर मिले पानी मे टी डी ऐस 500 मिग्रा प्रति लीटर के आस पास है जो बी आई ऐस (BIS) के मानक के अनुरूप है। इस मानक के अनुसार 500 मिग्रा प्रति लीटर तक टी डी ऐस जायज है। अगर पानी का कोई और संसाधन न हो तो 2000 मिग्रा प्रति लीटर तक का टी डी ऐस भी मान्य है।
अत: हम देखते हैं की सोलानीपुरम के पानी मे टी डी ऐस की कोई विशेष समस्या नही है। तो फ़िर समस्या क्या है? समस्या है पानी के अंदर के कचरे की। यहां का पानी आर्गेनिक मैटिरियल, आयरन, मेंगनीज, सल्फ़ाइड/सल्फ़र आदि से भरा हुआ है।
इस कचरे को देखने के लिये इस पानी पर इलेक्ट्रोलिसिस परीक्षण किया गया। परीणाम दिल दहला देने वाला था। परीक्षण मे पानी से कचरा अलग हो गया। पानी की हालत नीचे दिये गये चित्र मे दिखाई गयी है।
परीक्षण से पहले
परीक्षण के बाद
इस परीक्षण की 30 सेकेंड की आनलाइन वीडियो यू टयूब पर उपलब्ध है, देखने के लिये यहाँ क्लिक करें
यह लाल पीले काले रंग का कचरा आयरन मेंगनीज सल्फ़र इत्यादि का है। लाल रंग आयरन, काला रंग मेंगनीज व पीला रंग सल्फ़र के कारण है। यहां के पानी मे पीला रंग भी इसी कचरे के कारण होता है जो कुछ समय मे पानी से अलग होकर नीचे तली मे बैठ जाता है। नीचे चित्र मे पानी के टैंक की तली मे 8 इंच गहराई मे एकत्रित पानी/स्लज की स्थिति दिखाई गयी है। इसे देख कर चौकिये मत, ये फ़ैंटा या माजा नही आपके टैंक का पानी है। पीला पदार्थ पानी मे उपलब्ध कचरा है जो कुछ ही सेकेंड मे नीचे बैठ जाता है।
टैक की तली मे एकत्रित पानी की स्थिति
हल क्या है?
- पानी के आउटलेट को वाटर टैंक मे कम से कम 8 इंच की ऊंचाई पर रखें। एक आऊटलेट टैंक मे सबसे नीचे स्लज को बाहर निकालने के लिये भी दें।
- महीने मे कम से कम एक बार वाटर टैक की सफ़ाई अवश्य करें।
- आर ओ फ़िल्टर का प्रयोग करें।
- फ़िल्टर की कैडिल बदलवाने से पहले वाटर टैंक साफ़ कर लें।
- पाइप लाइन बिछाने हेतु जल संस्थान के भरोसे न रहे, सरकारी काम है अपने समय पर हो जायेगा। अपना इंतजाम पक्का रखें।
Water and air, the two essential fluids on which all life depends, have become global garbage cans.
We may wrap a plastic net on outlet of water tank to screen floating sludge.
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