आजकल बच्चों के लिये कंप्यूटर गेम तलाश करना बेहद मुश्किल होता जा रहा है। ऐसे मे बच्चों की एक पत्रिका चंपक मे बच्चो के लिये सी डी भी आती है जिसमे गेम्स (लगभग 12 से 15), कट व पेस्ट, कलरिंग, वालपेपर्स, मूवी क्लिप, मैजिक ब्लैकबोर्ड इत्यादि की भरमार होती है। चंपक हिंदी व अंग्रेजी दोनों भाषाओं मे आती है। कीमत है मात्र 25 रूपये। यह पत्रिका महीने मे दो बार आती है। अग्रवाल न्यूज ऐजेंसी व कैंब्रिज बुक डिपो पर यह पत्रिका उपलब्ध है।
हिंदी वर्जन के साथ जो सी डी आती है वह ज्यादा अच्छी है क्योकि इसमे ज्यादा सामग्री है। इस पत्रिका को खरीदने का एक अतिरिक्त फायदा यह भी है कि बच्चे मे खेलने के साथ पढने का शौक भी पनपता है जो कि आजकल खत्म होता जा रहा है (इसके लिये माँ बाप ही ज्यादा जिम्मेदार हैं)। उन्हे खुद टीवी सीरियल व मोबाइल पर गौसिप करने से फुर्सत नही, पढने का शौक खुद का जीरो है तो बच्चे मे कैसे कल्टीवेट करेंगे।
कुल मिलाकर चंपक खरीदने का अर्थ है - एक पंथ दो काज। गेम्स वे रीडिंग दोनो का मजा। यानी डबल मजा!!
हिंदी वर्जन के साथ जो सी डी आती है वह ज्यादा अच्छी है क्योकि इसमे ज्यादा सामग्री है। इस पत्रिका को खरीदने का एक अतिरिक्त फायदा यह भी है कि बच्चे मे खेलने के साथ पढने का शौक भी पनपता है जो कि आजकल खत्म होता जा रहा है (इसके लिये माँ बाप ही ज्यादा जिम्मेदार हैं)। उन्हे खुद टीवी सीरियल व मोबाइल पर गौसिप करने से फुर्सत नही, पढने का शौक खुद का जीरो है तो बच्चे मे कैसे कल्टीवेट करेंगे।
कुल मिलाकर चंपक खरीदने का अर्थ है - एक पंथ दो काज। गेम्स वे रीडिंग दोनो का मजा। यानी डबल मजा!!

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