Thursday, 6 October 2011

वेस्ट सोलानीपुरम में बच्चों ने बनाया 15 फुट का रावण

दशहरा यानी विजय पर्व। दशहरा यानी न्याय और नैतिकता का पर्व। दशहरा यानी सत्य और शक्ति का पर्व। भगवान श्रीराम ने इस दिन राक्षसराज रावण का वध किया था। तब ही से प्रतिवर्ष प्रतीकात्मक रूप से रावण का दहन किया जाता है। यह पर्व हमें संदेश देता है कि अन्याय और अनैतिकता का दमन हर रूप में सुनिश्चित है। चाहे दुनिया भर की शक्ति और सिद्धियों से आप संपन्न हों लेकिन सामाजिक गरिमा के विरूद्ध किए गए आचरण से आपका विनाश तय है।

सोलानीपुरम वेस्ट में बच्चों ने बनाया 15 फुट का रावण
सोलानीपुरम वेस्ट के बच्चों ने मिलकर लगभग 15 फुट का रावण बनाया है। इस रावण का दहन आज शाम छ: बजे के बाद होगा। वेस्ट सोलानीपुरम सुरक्षा समिति के सदस्य सुशील यादव ने बताया कि बच्चों ने इसके लिये स्वय़ं ही चंदा एकत्रित किया। बच्चो का यह प्रयास सराहनीय है।


ऑनलाइन रावण दहन
ऑनलाइन रावण दहन के लिये यहाँ क्लिक करें

रालेगण सिद्धि में भ्रष्टाचार रूपी रावण का पुतला जलाएंगे अन्ना!
उधर अन्ना हजारे आज विजयदशमी के दिन अपने गांव रालेगण सिद्धि में रावण के पुतले का दहन करेंगे। इस बार अन्ना भष्ट्राचार के रावण को जलाएंगे। इसके लिए खास पुतला बनाया गया है। जिसे भष्ट्राचारी रावण की नाम दिया गया है।

अन्ना मानते हैं कि रावण का दहन तो प्रतीकात्मक है, हर किसी के अंदर भ्रष्टाचार का रावण बैठा है, अन्ना के मुताबिक भ्रष्टाचार रूपी रावण को मिटाना है, तो हर इंसान को अपने अंदर के भ्रष्ट आदमी को जलाना होगा।

No comments:

Post a Comment

Note: only a member of this blog may post a comment.