Monday, 23 July 2012

सोलानीपुरम मे जंगलराज!

ऐसा लगता है कि कुछ लोगों के स्वार्थ के चलते मेन ट्रांसफार्मर से सिक्का के घर तक की सड़क बन नही पायेगी। नियमानुसार सड़क के दोनो ओर ढाल (Camber) दिया जाता है जिससे बरसात का पानी दोनों ओर की नालियों से निकल जाये। परंतु इस सड़क के एक ओर तो नाली बनी है परंतु दूसरी ओर नाली नही बनी है क्योंकि उस तरफ के कुछ लोग नही चाहते! इनमे से एक तो वे हैं जो अपने को समाज सेवक कहते हैं, परंतु सोलानीपुरम के विकास मे सबसे बड़ी बाधा भी ये महोदय ही हैं! एक व्यक्ति हैं जो कहते हैं कि मेरे मकान के दोनो ओर से नाली नही जायेगी! क्यों भाई, आप वी.आई.पी हैं क्या? आपको क्या सौ खून माफ हैं या दूसरे की शराफत को आप उसकी कमजोरी समझते हैं। कुछ लोग सड़क के नीचे पाइप डालकर सामने की नाली मे डाल रहें हैं। यह सरासर नियम विरुद्ध है। दोष लोगों का भी है। क्यों नही इसकी शिकायत वे एस डी एम से करते?

जोशीजी, कृपया ध्यान दें, सड़क बने या न बने, जब तक नियमानुसार सड़क के दोनो ओर नाली नही बन जाती, कार्य आगे नही बढना चाहिये। आखिर सोलानीपुरम मे पढे लिखे लोग रहते हैं, कोई जंगल राज नही है! सोलानीपुरम वेलफेयर एसोसियेशन को इस बाबत कुछ करना चाहिये। वरना ऐसी समिति का क्या फायदा जो सोलानीपुरम के निवासियों के हक की लडाई भी न लड़ सके। स्थानीय नेताओं को भी अपने स्तर पर प्रयास करने चाहियें क्योंकि यह मेन सड़क का मामला है। सभासद महोदय, आप भी इस समस्या को हल करने मे अपना योगदान करें।

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