सोलानीपुरम में कुछ ऐसे भी सीनियर सिटिजन हैं जो सोशल वर्क कर समाज को कुछ दे रहें हैं। सोलानीपुरम स्थित गोल कॉलोनी निवासी श्री एम पी गुप्ता जी (दीनबंधु चैरिटेबल ट्रस्ट वाले) उनमे से एक हैं।
आजकल गुप्ताजी ने अपने घर में ऐक्युप्रेशर सेंटर खोला हुआ है, जहाँ तमाम तरह की बीमारियों (आर्थोराइटिस, स्पाइनल संबंधी, डिप्रेशन, मोटापा इत्यादि) का इलाज कम शुल्क में होता है। कई निवासी इस सेंटर मे आ रहे हैं। डाक्टर सुभाष चंद्र वर्मा जी काफी तजुर्बेकार हैं। अच्छा इलाज कर रहे हैं। इलाज की फीस काफी कम है (रु. 50/- प्रतिदिन तथा एकमुश्त रजिस्ट्रशन फीस रु. 50/- ) ताकि बिजली, स्टाफ व मशीनों का खर्चा निकल सके। समय है प्रात: 10 से 1 बजे तक।
अन्य कार्य
सोलानीपुरम वेलफेयर ऐसोशियन की स्थापना गुप्ताजी ने ही की थी। संपूर्ण सोलानीपुरम की सुरक्षा व्यवस्था इस ऐसोशियन ने आरंभ की थी। परंतु कुछ कारणों से यह व्यवस्था ज्यादा नही चल सकी। अब एम पी गुप्ता जी ने इस ऐसिशियन अलग हो चुके हैं। वैसे उन्होने ठीक ही किया, क्योंकि अब यह ऐसोशियन हाईजैक हो चुकी है। अब यह ऐसोशियन सिर्फ सांस्कृतिक कार्यक्रमों तक सीमित रह गयी है। सोलानीपुरम के विकास से इसका कुछ लेना देना नही है। खैर, इस विषय पर बात फिर कभी।
गुप्ताजी हर वर्ष अपने जन्मदिन पर गरीबों को कंबल वितरित करते हैं, जो प्रशंसनीय है। आज भी उन्होने कई गरीब व्यक्तिओ को कंबल वितरित किये। इसके अतिरिक्त कई गरीब कन्याओं का विवाह भी गुप्ताजी अपने दीनबंधु चैरिटेबल ट्रस्ट के द्वारा करवा चुके हैं
कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि एम पी गुप्ता जी अपने खाली समय का सदुपयोग कर रहे हैं, जो सोलानीपुरम के अन्य सीनियर सिटिजन (क्लब 60+) के लिये उदाहरण हैं।
आजकल गुप्ताजी ने अपने घर में ऐक्युप्रेशर सेंटर खोला हुआ है, जहाँ तमाम तरह की बीमारियों (आर्थोराइटिस, स्पाइनल संबंधी, डिप्रेशन, मोटापा इत्यादि) का इलाज कम शुल्क में होता है। कई निवासी इस सेंटर मे आ रहे हैं। डाक्टर सुभाष चंद्र वर्मा जी काफी तजुर्बेकार हैं। अच्छा इलाज कर रहे हैं। इलाज की फीस काफी कम है (रु. 50/- प्रतिदिन तथा एकमुश्त रजिस्ट्रशन फीस रु. 50/- ) ताकि बिजली, स्टाफ व मशीनों का खर्चा निकल सके। समय है प्रात: 10 से 1 बजे तक।
सोलानीपुरम वेलफेयर ऐसोशियन की स्थापना गुप्ताजी ने ही की थी। संपूर्ण सोलानीपुरम की सुरक्षा व्यवस्था इस ऐसोशियन ने आरंभ की थी। परंतु कुछ कारणों से यह व्यवस्था ज्यादा नही चल सकी। अब एम पी गुप्ता जी ने इस ऐसिशियन अलग हो चुके हैं। वैसे उन्होने ठीक ही किया, क्योंकि अब यह ऐसोशियन हाईजैक हो चुकी है। अब यह ऐसोशियन सिर्फ सांस्कृतिक कार्यक्रमों तक सीमित रह गयी है। सोलानीपुरम के विकास से इसका कुछ लेना देना नही है। खैर, इस विषय पर बात फिर कभी।
गुप्ताजी हर वर्ष अपने जन्मदिन पर गरीबों को कंबल वितरित करते हैं, जो प्रशंसनीय है। आज भी उन्होने कई गरीब व्यक्तिओ को कंबल वितरित किये। इसके अतिरिक्त कई गरीब कन्याओं का विवाह भी गुप्ताजी अपने दीनबंधु चैरिटेबल ट्रस्ट के द्वारा करवा चुके हैं
कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि एम पी गुप्ता जी अपने खाली समय का सदुपयोग कर रहे हैं, जो सोलानीपुरम के अन्य सीनियर सिटिजन (क्लब 60+) के लिये उदाहरण हैं।
Do what you can, with what you have, where you are. (Theodore Roosevelt)
One person can make a difference, and everyone should try. (John Fitzgerald Kennedy)
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